मजबूत पाचनशक्ति और कमर के लिए करें हलासन – जानें हलासन के फायदे और करने का सही तरीका!

इस आसन में शरीर भारतीय हल जैसा दिखता है, इसलिए इस योग को हलासन के नाम से जाना जाता है| हलासन का नियमित अभ्यास करने के अनेक फायदे सामने आते हैं जिससे आपका शरीर स्वस्थ, दुरुस्त और तंदरूस्त रहता है|

आजकल कमजोर पाचनशक्ति और कमर का दर्द आम बात है, अगर आप को भी ये समस्याएँ परेशान कर रही हैं, तो आप नियमित 2-5 मिनट (minute) हलासन जरूर करें|

आज इस ब्लॉग के माध्यम से मैं बताऊंगा हलासन करने के फायदे, इसे करने का सही तरीका और सुरक्छित अभ्यास के लिए सावधानियां|

वैसे तो हलासन करने के अनेक फायदें हैं, पर उनमे से कुछ महत्वपूर्ण लाभ आप जान कर हैरान रह जाएँगे|

हलासन के फायदे/लाभ (Halasana benefits in hindi):

1. हलासन अभ्यास से रीढ़ की हड्डी स्वस्थ और लचीली बनती है, तथा कमर की मस्पेशियाँ (muscles) विस्तृत(extended) और बीमारी रहित(disease free) हो जाती हैं|

2. इस आसन को करने से थाइरोइड ग्रंथि सक्रीय हो जाती है, जिससे मोटापा तथा कमजोरी हटती है और लम्बाई में वृद्धि(height gain) होती है|

3. हलासन करने से डायस्पेप्सिया (पाचन तंत्र में सूजन या संक्रमण), कमजोर पाचन, गैस का बनना, कब्ज , स्पलीन तथा लीवर में वृद्धि और ह्रदय रोग में फायदा मिलता है|

4. यह पैनक्रियाज (अग्नाशय) को सक्रिय करता है जिससे मधुमेह ठीक हो जाता है|

5. हलासन दर्द भरे मासिक चक्र और स्त्री रोग संबंधी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है|

6. इस आसन के करने से रक्त का प्रवाह सर में ज्यादा होता है जिससे बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा मिलता है|

7. हलासन के नियमित अभ्यास से आपके चेहरे पर निखार आने लगता है क्योकी इसमें चेहरे पर रक्त संचार बढ़ता है|

8. बवासीर रोगियों के लिए हलासन फायदेमंद होता है, इसके नियमित अभ्यास से बवासीर ठीक हो जाता है|

9. हलासन गले की बीमारियों से बचाता है और सर दर्द ठीक करता है|

हलासन कैसे करें? – जानें आसान और सही तरीका (Steps to follow):

पहला चरण (step 1): कमर के बल सीधे लेट जाएँ|

lie-down-straight

दूसरा चरण ( step 2): स्वांस अन्दर की तरफ लेते हुए अपने पैरों को धीरे से उठायें, पहले 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री तथा अन्त में 90 डिग्री ऊपर की तरफ उठायें|

step-1-raise-your-legs-while-inhaling

तीसरा चरण (step 3): अब स्वांस बहार की तरफ छोड़ते हुए कमर को हाथों की मदद से उठाकर अपने पैरों को सर के पीछे ले जाएँ|

step-1-raise-your-legs-while-inhaling

चौथा चरण (step 4): अपने पंजों को सर के पीछे जमीन पर रखें और सामान्य रूप से स्वांस लें| शुरुवात में हलासन आराम से करने के लिए हाथ कमर को सहारा देते हुए हो सकते हैं|

इस आसन की पूर्णता के लिए हाथों को जमीन पर रखें और इस स्थिति में 30 सेकंड्स के लिए रुकें| ध्यान रखें, आपके पैर और घुटने सीधे होने चाहियें|

Halasana-final-step

पांचवा चरण (step 5): अपने पैरों और घुटनों को सीधा रखते हुए हाथों को जमीन पर दबाकर धीरे धीरे अपने पैरों को जमीन पर ले आएं और कुछ देर आराम से पीठ के बल लेते रहें|

हलासन से सबसे अधिक लाभ तब मिलता हैं जब इसके फौरन बाद भुजंगासन किया किया जाए।

हलासन को सुरक्छित(safe) करने के लिए सावधानियां:

1. अपनी छमता के अनुसार हलासन का अभ्यास करना चाहिए| अधिक उम्र वाले, कमजोर तथा बीमार लोग इसे ना करें|

2. अत्यधिक बढे हुए लीवर और spleen(पेट में पाई जाने वाली तिल्ली) वाले मरीजों के लिए हलासन का अभ्यास निषेध है|

3. जो लोग उच्च रक्तचाप, सर्वाइकल और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से परेशान हैं, उन्हें भी हलासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

4. जिन्हें स्लिप डिस्क और tuberculosis(फेफड़ों में संक्रमण) की समस्या हो उन्हें भी ये आसन नहीं करना चाहिए|

ये भी पढ़ें : How to relieve sciatic nerve pain fast?

5. कमर दर्द होने पर भी हलासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

6. अधिक सरदर्द तथा चक्कर आने पर भी इसे ना करें|

7. गर्भावस्था तथा मासिक चक्र में भी हलासन नहीं करना चाहिए, इसके नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं|

8. ह्रदय रोगी हलासन का अभ्यास नहीं करें|

निश्कर्ष:

हलासन करना सभी के लिए आसन नहीं होता, इसलिए जो इसे ना कर सकें वो अर्धहलासन का अभ्यास करें, फिर धीरे धीरे हलासन करने का प्रयास करें|

हलासन से हमारा शरीर लचीला बनता है और रीढ़ सदा जवान बनी रहती है। इसके अलावा भी नियमित हलासन करने के अनेक लाभ हैं, जिन्हें पाने के लिए प्रतिदिन इसे करना चाहिए|

में आशा करता हूँ, आप अब हलासन करने की विधि जान गए होंगे और घर पर सुरक्छित अभ्यास कर पाएँगे| आपको किसी step में या किसी तरह की कोई समस्या आती है तो आप मुझ से कमेंट बॉक्स में लिख कर पूंछ सकते हैं|

आप हलासन के बारे में अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते हैं और अपने दोस्तों और परिवार जनों के साथ इस ब्लॉग को शेयर करना ना भूलें|

नियमित योग अभ्यास करें और स्वस्थ तथा तंदरुस्त रहें| धन्यवाद्!

Author: Ashu Pareek

Ashu Pareek is Blogger, Yoga Trainer and founder of Yoga Holism. He loves to help people to improve their daily life and fitness. He teaches how to get peace and happiness in life.

Share This Post!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *