मकरासन कैसे करें? – फायदे, तरीका, समय और सावधानियां!

मकरासन योग मुद्रा आपके शरीर और मन को विश्राम देने के लिए है। इस आसन का अभ्यास करते समय आप पानी में आराम करते हुए मगरमच्छ की तराह दिखते हैं, इसीलिए इसे मगरमच्छ मुद्रा भी कहा जाता है।

मकरासन योग मुद्रा का उद्देश्य आपके पीठ और कंधों से तनाव को दूर करके आपको पूरी तरह से आराम दिलाना होता  है। मकरासन अभ्यास से अनेकों स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं, लेकिन इससे पहले मकरासन के सही अभ्यास के लिए इसके चरणों की चर्चा करेंगे|

सामान्यतया मकरासन को दैनिक योग अभ्यास के बाद अपने शरीर को शांत करने के लिए किया जाता है। यहाँ मैं मकरासन को सही ढंग से करने के लिए 3 सरल चरणों का वर्णन कर रहा हूँ।

मकरासन कैसे करें? – सही चरण

चरण 1: जमीन पर अपने पेट के बल सीधे लेटें। दोनों हाथों को अंदर की ओर मोड़ते हुए उन्हें विपरीत कंधों पर रखें।

चरण 2: दोनों हाथों पर सर को आराम से रख दें। पैरों के बीच एक फुट की दूरी होनी  चाहिए।

चरण 3: शरीर को मृत शरीर की तरह ढीला छोड़ दें। इस स्थिति में लेटते समय आपको अपनी बुद्धि और आत्मनिरीक्षण के माध्यम से आत्मा के भीतर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

आपको सोचना चाहिए कि, मैं एक अलग जीवन, शुद्ध हृदय वाला, हंसमुख और निर्दोष आत्मा हूँ। यह शरीर नाशवान है। यह शरीर पंचतत्वों का संग्रह मात्र है। जब समय आता है तो यह उन्हीं पांच तत्वों में मिल जाता है।

इस तरीके से अपने मन को इस नश्वर दुनिया से विचलित करें और अपने आप को इस असीम ब्रह्मांड में मौजूद परमात्मा से एकाकार होने का अनुभव करें।

मकरासन अभ्यास कितने समय तक करें?

एक व्यक्ति को 2 से 10 मिनट तक के लिए मकराना का अभ्यास करना चाहिए। सामान्य स्थितियों में 2-3 मिनट तक करना एक अच्छी शुरूवात मानी जाती हैं।

मकरासन अभ्यास से फायदे/लाभ –

• मकरासन विश्राम के लिए है। आराम के दौरान, एक व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी हल्का महसूस करता है। इस योगासन अभ्यास से व्यक्ति को उच्च रक्तचाप, मानसिक तनाव और अनिद्रा से मुक्ति  मिलती है।

• मगरमच्छ मुद्रा कंधे और रीढ़ को गहराई से आराम देने के लिए है।

• इस आसन में पेट की आंतों को प्राकृतिक मालिश मिलती है, जो उन्हें सक्रिय करती है जिससे अपच आदि रोग ठीक होते हैं।

• चूंकि इस आसन में हाथ निष्क्रिय खिंचाव की स्थिति में होते हैं, इसलिए यह sympathetic nerves को प्रभावित करता है जोकि शरीर के विश्राम में मदद करता है।

• इस आसन में हृदय गुरुत्वाकर्षण बल के खिलाफ काम नहीं कर रहा होता है, इसलिए इसे आराम मिलता है।

• इस आसन के अभ्यास से अंतःस्रावी ग्रंथियों(endocrine glands) को फायदा होता है।

• मकरासन आपके पूरे शरीर के हिस्सों जैसे कूल्हों, पीठ, कंधों, पिंडलियों और घुटनों को आराम देता है।

• यह आपके दिमाग को तनाव से मुक्त करता है और आपके मूड को बेहतर करता है और आपको सकारात्मकता से भर देता है।

• इस आसन में आपकी साँसें आराम से , धीमी और गहरी हो जाती हैं जो आपको शांत और स्वस्थ बनाती हैं।

मकरासन सावधानियां:

1. मकरासन मुद्रा करते समय अपने पेट को खाली रखें।

2. आपको सुबह के समय मगरमच्छ मुद्रा का अभ्यास करना चाहिए, यदि सुबह संभव न हो तो दोपहर के भोजन के 3-4 घंटे बाद शाम को इसका अभ्यास करें।

3. सुनिश्चित करें कि आपका शरीर मकरासन करते समय आराम में होना चाहिए, अगर आपको गंभीर पीठ, गर्दन या घुटने में चोट है तो इसका अभ्यास नहीं करें।

4. इस आसन को करते समय आपको एक आरामदायक चटाई या योगा मेट रखनी चाहिए।

निष्कर्ष :

आपको हर बार उचित वार्मअप के बाद योग का अभ्यास शुरू करना चाहिए और सही तरीके से शरीर को रिलैक्स (कूल डाउन) भी करना चाहिए। दैनिक योग अभ्यास के बाद शरीर को रिलैक्स(शांत) करने के लिए मकरासन किया जाता है।

यह बहुत ही सरल योग आसन है और आप इसे घर पर रोजाना कई स्वास्थ्य लाभों को पाने के लिए अभ्यास कर सकते हैं।

मेरे साथ अपने मकरासन से जुड़े अनुभवों को कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर साझा करें।

आशा है कि आपको यह ब्लॉग फायदेमंद और अच्छा लगा होगा, इसलिए अपने मित्रों और परिवार के साथ इसे शेयर करना न भूलें। स्वस्थ और फिट रहने के लिए रोजाना योग आसनों का अभ्यास करें। धन्यवाद्!

Author: Ashu Pareek

Ashu Pareek is Blogger, Yoga Trainer and founder of Yoga Holism. He loves to help people to improve their daily life and fitness. He teaches how to get peace and happiness in life.
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