मत्स्यासन कैसे करें? जानें फायदे, तरीका और सावधानियां!

मत्स्यासन बहुत ही असरकारी योग आसन है, इसके नियमित 2 मिनट अभ्यास से आप अपने शरीर को स्वस्थ तथा कई रोगों से मुक्त/दूर रख सकते हैं| मत्स्यासन में गर्दन और कमर को पीछे की ओर झुकाकर मछली के आकार का पोज बनाकर अभ्यास किया जाता है।

इस आसन में गर्दन को पीछे मोड़ा जाता है, जिससे थॉयराइड ग्लैंड पर बेहतर प्रभाव पड़ता है और मन भी अच्छा रहता है| आज इस ब्लॉग में, मैं आपको बताऊंगा मत्स्यासन कैसे करें, और उसके क्या क्या फायदे होते हैं?

मत्स्यासन को सर्वांगासन का उल्टा आसन भी माना जाता है, इसलिए सर्वांगासन के बाद मत्स्यासन अभ्यास अधिक फायदेमंद है।

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आजकल पेट खराब रहना (खराब पाचन) और कमर दर्द की समस्याएँ आम बात हैं, हर 3 में से एक को ये समस्या रहती है, ये आप अपने आस पास आसानी से देख सकते हो|

मत्स्यासन के नियमित अभ्यास से चमत्कारिक फायदे सामने आते हैं, चलो अब मत्स्यासन के फायदों के बारे में जानते हैं|

मत्स्यासन अभ्यास से फायदे/लाभ (Matsyasana benefits in hindi):

1. मत्स्यासन पेट के लिए एक अच्छा व्यायाम है, यह आंतों को सक्रिय करता है और कब्ज को ठीक करता है।

2. यह थायरॉइड, पैराथायरॉइड और एड्रेनल ग्रंथियों को स्वस्थ बनाता है।

3. यह सर्वाइकल दर्द(cervical pain) और गर्दन की पिछली बढ़ी हड्डी की समस्या में फायदेमंद है| मत्स्यासन तकिया लगा के करने से गर्दन में दर्द या स्पोंडिलॉसिस में फायदा मिलता है|

4. यह नाभि(nevel) की विस्थापन(displacement) को रोकता है। यह फेफड़ों से संबंधित बीमारियों जैसे अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी विकारों को ठीक करता है।

5. गर्दन पे दिनभर के तनाव से सिर में दर्द हो सकता है, मत्स्यासन करने से सिर दर्द दूर हो जाता है|

6. प्रतिदिन मत्स्यासन अभ्यास से पुरुषों में यौन शक्ति बढ़ती है एवं नपुंसकता की समस्या दूर हो जाती है।

7. अगर आप को नींद नहीं आने की समस्या है तो मत्स्यासन नियमित करने से अच्छी नींद आने लगेगी|

8. इस आसन के करने से जांघों और पेट की चर्भी(fat) कम हो जाती है|

मत्स्यासन कैसे करें? – जानें आसान और सही तरीका(Steps)

पहला चरण(step 1): आराम से पदमासन में बैठ जाएँ|

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दूसरा चरण (step 2): हाथों की मदद से पीछे की तरफ लेट जाएँ और अपनी कोहनियों को आराम से रखें|

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तीसरा चरण (step 3): अपनी गर्दन को पीछे की तरफ आराम से मोड़ें, जितना आप मोड़ सकें| आपकी कमर और छाती को ऊपर की तरफ हाथों की मदद से उठायें, जबकि कोहनियाँ जमीन को छूती हुई होनी चाहियें|

Matsyasana pose

चौथा चरण (step 4): अपने दोनों हाथों से पैर के अंगूठों को पकड़ें और अपनी कोहनियाँ जमीन पे रखें| कुछ देर तक इस स्थिति में ही रहें और धीरे-2 आराम से गहरी सांसें लेते और छोड़ते रहें|

पांचवा चरण (step 5): फिर अपने हाथों की मदद से कमर और छाती को नीचे कर लें और सर तथा कन्धों को जमीन पे रख दें| अपने पैरों को भी सीधा कर के शवासन की स्थिति में कुछ देर के लिए सीधे लेट जाएँ|

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मत्स्यासन को सर्वांगासन के बाद में करना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्यू के ये उसका उल्टा आसन होता है|

मत्स्यासन करते समय सावधानियां:

1. मत्स्यासन करते समय इसे आराम से करना चाहिए, क्यों के ये गर्दन और मांसपेशियों से जुडा आसन होता है|

2. मत्स्यासन करते समय अपनी छमता के अनुसार प्रयास करें, दर्द होने पे तुरंत इसे करना रोक दें|

3. यदि आपको उच्च अथवा निम्न ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है, तो फिर आप इसे ना करें|

4. मत्स्यासन करने से बचें अगर आप गर्दन में पुरानी चोट या पीठ और कमर में गंभीर दर्द से परेशान हैं|

5. गर्भावस्था में इस आसन को नहीं करना चाहिए, क्योंकी ये कोख पर दबाद डालता है जिसके नकारात्मक प्रभाव पड सकते हैं|

6. हर्निया और माइग्रेन की समस्या के मरीजों को मत्स्यासन का अभ्यास बिलकुल नहीं करना चाहिए|

7. अधिक उम्र और अत्यधिक कमजोर और बीमार इंसान को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए|

नोट: अगर मत्स्यासन करने में तकलीफ होती है या आपको लगता है के आपसे नहीं होगा फिर भी इसके फायदों को पाने के लिए इसका अभ्यास करना चाहते हैं तो अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें|

निष्कर्ष:

आपको हर रोज मत्स्यासन का अभ्यास करना चाहिए, इससे आपकी रीढ़ मजबूत होगी और पाचन दुरुस्थ रहेगा| इस आसन को नियमित करने से मूड भी अच्छा रहता है और मस्पेशियाँ मजबूत होती हैं|

में आशा करता हूँ आपको मत्स्यासन करना आ गया होगा, फिर भी अगर आप मुझसे कुछ पूछना चाहते हो तो कमेंट बॉक्स में लिख के पूंछ सकते हो|

आप कोनसा आसन सबसे ज्यादा पसंद करते हो? लिख के जरूर बताएं| अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करना ना भूलें|

हमेशा खुश और fit रहने के लिए योग अभ्यास करते रहें| धन्यवाद|

Author: Ashu Pareek

Ashu Pareek is Blogger, Yoga Trainer and founder of Yoga Holism. He loves to help people to improve their daily life and fitness. He teaches how to get peace and happiness in life.

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